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Apr 12, 2022

पंडोखर धाम की पुष्पावती नदी का महत्व || Pushpavati River of Pandokhar Dham

 
सतयुग, त्रेता, द्वापर से कलयुग तक कल-कल कर बहती आई पतित पावनी पुष्पावती नदी गंगा के समान है। इसलिए इसे पुष्पावती गंगा भी कहा जाता है। विशाल विंध्याचल पर्वत शृंखला से ही पुष्पावती नदी का उद्गम स्थल है जो कि उत्तर प्रदेश की सीमा के नजदीक स्थित दतिया जिले के वसई थाना अंतर्गत वलीसा ग्राम के वन क्षेत्र में स्थित है। पुष्पावती लगभग 200 किलोमीटर क्षेत्र में सर्पाकार की स्थिति मे बहते हुए उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद के अंतर्गत माधवगढ़ रामपुरा के पास पंचनंदा में मिलती है। पंचनंदा पांच नदियों - पुष्पावती, सिंध, यमुना, चंबल एवं कुवारी नदी का संगम स्थल है। श्रद्धालु पुष्पावती में स्नान प्रार्थना कर उसके जल से  बालाजी का अभिषेक करते हैं। 


From Satyug, Treta, Dwapar to Kaliyug, the impure holy river Pushpavati, which flows from time to time, is like the Ganges. Hence it is also called Pushpavati Ganga. Pushpavati river originates from the huge Vindhyachal mountain range, which is located in the forest area of ​​Valisa village under Vasai police station of Datia district, located near the border of Uttar Pradesh. Pushpavati flows in a circular shape in an area of ​​about 200 km and meets Panchnanda near Madhavgarh Rampura under Jalaun district of Uttar Pradesh. Panchnanda is the confluence of five rivers – Pushpavati, Sindh, Yamuna, Chambal and Kumari. Devotees bathe in Pushpavati and worship Balaji with its water.


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