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Jun 27, 2022

स्वप्नदोष से कैसे बचें || How to Cure Night Discharge


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जो लोग शरीर का वीर्य हाथ से या किसी और गंदे तरीके से नाश कर देते हैं, वह अपने ही हाथों अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारते हैं। क्योंकि शरीर का राजा वीर्य होता है और जब राजा ही कमजोर होगा तो प्रजा क्या करेगी। शरीर का सातवा धातु वीर्य होता है इसको बनने में बहुत समय लगता है। आदमी ठीक से 40 दिन भोजन करता है तो 2 टोला वीर्य बनता है। जिससे शरीर में बल और स्फूर्ति कायम रहता है। शरीर का सार तत्व है वीर्य। हमारे ऋषि-मुनि इस बात को अच्छी तरह समझते थे, इसलिए उन्होंने ब्रह्मचर्य पर विशेष जोर देते थे। जिस देश में भोग और वासना अधिक बढ़ जाता है उस देश की पूरी नीव कमजोर हो जाती है। 

स्वप्नदोष को रोकने वाला ब्रह्मचर्यासन (Swapnadosh Rokne Wala Brahmcharyasan) 

साधारणतया योगासन भोजन के बाद नहीं किए जाते परंतु कुछ ऐसे आसन है जो भोजन के बाद भी किए जाते हैं। उन्हीं आसनों में से एक है ब्रह्मचर्यासन। यह आसन रात्रि भोजन के बाद सोने से पहले करने से विशेष लाभ होता है। ब्रह्मचर्यासन के नियमित अभ्यास से ब्रह्मचर्य पालन में खूब सहायता मिलती है अर्थात इसके अभ्यास से अखंड ब्रह्मचर्य की सिद्धि होती है। इसलिए योगियों ने इसका नाम ब्रह्मचर्यासन रखा है। 

विधि : जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं। तत्पश्चात दोनों पैरों को अपनी-अपनी दिशा में इस तरह फैला दें कि नितंब और गुदा का भाग जमीन से लगा रहे। हाथों को घुटनों पर रखें और शांति से बैठे रहें। 

लाभ : इस आसन के अभ्यास से वीर्य वाहिनी नाडी का प्रवाह शीघ्र ही उर्ध्वगामी हो जाता है और सिवनी नाड़ी की उष्णता कम हो जाती है। जिससे यह आसन स्वप्नदोष (Swapandosh) आदि बीमारियों को दूर करने में लाभकारी सिद्ध हुआ है। जिन व्यक्तियों को बार-बार स्वप्नदोष होता है उन्हें सोने से पहले 5 से 10 मिनट तक इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। इससे उपस्थ इंद्रिय में काफी शक्ति आती है और एकाग्रता में भी वृद्धि होती है। 

प्रश्न : अगर उपरोक्त उपायों बावजूद भी स्वप्नदोष (Swapandosh) होता हो तो क्या करें ?
उत्तर : सावधानी बरतने पर भी वीर्यपात का कष्ट हो तो चिंतित न हों  बल्कि दृढ निश्चय से अधिक सावधानी बरतें। भागवत प्रार्थना करो। "ॐ अर्यमायै नमः।" मंत्र का जप करो। सर्वांगासन करके योनि को सिकोड़ लो (मूलबन्ध करो) और श्वास को बाहर निकालते हुए पेट को अंदर की ओर की ओर खींचो। कुछ समय श्वास को बाहर ही रोके रखो और भावना करो कि मेरा वीर्य ऊर्ध्वगामी हो रहा है। इस प्रयोग से ब्रह्मचर्य की रक्षा होगी। चित्र में दिखाया अनुसार ब्रह्मचर्य आसन सोने से पहले 5 से 10 मिनट करो। 

स्वप्नदोष से बचाव के उपाय (Swapnadosh Se Bachne Ka Upay)

  1. "ॐ अर्यमायै नमः" मंत्र का सोने से पूर्व 21 बार जप करने से बुरे सपने नहीं आते। 
  2. सोने से पहले तर्जनी उंगली से तकिए पर अपनी माता का नाम लिखकर सोने से बहुत लाभ होता है। 
  3. आंवले के चूर्ण में चौथाई हिस्सा (25%) हल्दी चूर्ण मिलाकर रखें। 7 दिन तक सुबह शाम यह मिश्रण 3 से 4 ग्राम लेने से चमत्कारी लाभ होता है। इसके सेवन से 2 घंटे पूर्व व पश्चात दूध न लें। 

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