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Dec 1, 2021

पीएम गति शक्ति योजना क्या है || Benefits of PM Gati Shakti Scheme

प्रधान मंत्री ने पीएम गति शक्ति योजना  - मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी ( Multi-Modal Connectivity) के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्च किया गया है, जो अनिवार्य रूप से रेलवे और रोडवेज सहित 16 मंत्रालयों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी यह देश को गति प्रदान करेगा। परिवहन को एक साधन से दूसरे साधन में लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए कनेक्टिविटी की व्यवस्था करना। यह बुनियादी ढांचे की अंतिम मील कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान करेगा और लोगों के लिए यात्रा के समय को भी कम करेगा। 

पीएम गति शक्ति का लक्ष्य (Target of National Master Plan)

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पीएम गति शक्ति भारतमाला, सागरमाला, अंतर्देशीय जलमार्ग, शुष्क/भूमि बंदरगाहों, उड़ान आदि जैसे विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा योजनाओं को अपने साथ शामिल करेगी। आर्थिक क्षेत्र जैसे कपड़ा क्लस्टर, फार्मास्युटिकल, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर, मछली पकड़ने के समूह कनेक्टिविटी में सुधार लाने और भारतीय व्यवसायों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कृषि क्षेत्रों को भी कवर किया जाएगा। यह BiSAG-N (भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियोइनफॉरमैटिक्स) द्वारा विकसित ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) इमेजरी के साथ स्थानिक नियोजन उपकरण सहित व्यापक रूप से प्रौद्योगिकी का लाभ मिलेगा। योजना का विस्तृत विवरण यहां देख सकते हैं।

इतिहास और चुनौतियों पर काबू पाने के लिए कदम

परंपरागत रूप से, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी थी, उदाहरण के लिए, एक बार सड़क बनने के बाद, अन्य एजेंसियों ने भूमिगत केबल बिछाने, गैस पाइपलाइन आदि जैसी गतिविधियों के लिए निर्मित सड़क को फिर से खोदना। इससे न केवल बड़ी असुविधा होती है बल्कि फालतू खर्च होता था। इसके समाधान के लिए समन्वय बढ़ाने का प्रयास किया गया ताकि सभी केबल, पाइपलाइन आदि एक साथ बिछाई जा सकें। समय-समय पर अनुमोदन प्रक्रिया, नियामक मंजूरी की बहुलता आदि जैसे अन्य मुद्दों के समाधान के लिए भी कदम उठाए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से बुनियादी ढांचे पर अभूतपूर्व ध्यान देना सुनिश्चित किया है। यह प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए हितधारकों के लिए समग्र योजना को संस्थागत बनाने के माध्यम से पिछले मुद्दों को संबोधित करने में मदद करता है। अलग-अलग योजना बनाने और डिजाइन करने के बजाय, परियोजनाओं को एक सामान्य दृष्टि से डिजाइन और निष्पादित किया जाएगा।

पीएम गति शक्ति के 6 स्तंभ (6 Pillars of PM Gati Shakti)
पीएम गति शक्ति छह स्तंभों पर आधारित है:
व्यापकता: इसमें एक केंद्रीकृत पोर्टल के साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की सभी मौजूदा और नियोजित पहल शामिल होंगी। प्रत्येक विभाग को अब व्यापक रूप से परियोजनाओं की योजना और निष्पादन के दौरान महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करने वाली एक-दूसरे की गतिविधियों की सहभागिता होगी।

प्राथमिकता: इसके माध्यम से विभिन्न विभाग क्रॉस-सेक्टोरल इंटरैक्शन के माध्यम से अपनी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने में सक्षम होंगे।

अनुकूलन: राष्ट्रीय मास्टर प्लान महत्वपूर्ण अंतराल की पहचान के बाद परियोजनाओं की योजना बनाने में विभिन्न मंत्रालयों की सहायता करेगा। एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल के परिवहन के लिए, योजना समय और लागत के मामले में सबसे सरल मार्ग चुनने में मदद करेगी।

तुल्यकालन: अलग-अलग मंत्रालय और विभाग अक्सर Isolation में काम करते हैं। परियोजना के नियोजन एवं क्रियान्वयन में समन्वय का अभाव है जिसके परिणामस्वरूप विलम्ब होता है। पीएम गति शक्ति प्रत्येक विभाग की गतिविधियों के साथ-साथ शासन की विभिन्न परतों को उनके बीच काम का समन्वय सुनिश्चित करके समग्र रूप से समन्वयित करने में मदद करेगी।

विश्लेषणात्मक: योजना GIS platform आधारित स्थानिक योजना और 200+ layers वाले विश्लेषणात्मक उपकरणों के साथ एक ही स्थान पर संपूर्ण डेटा प्रदान करेगी, जिससे निष्पादन एजेंसी को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।

गतिशील: सभी मंत्रालय और विभाग अब GIS platform के माध्यम से क्रॉस-सेक्टोरल परियोजनाओं की प्रगति की कल्पना, समीक्षा और निगरानी करने में सक्षम होंगे, क्योंकि उपग्रह इमेजरी समय-समय पर जमीनी प्रगति देगी और परियोजनाओं की प्रगति को अद्यतन किया जाएगा। पोर्टल पर नियमित रूप से यह मास्टर प्लान को बढ़ाने और अद्यतन करने के लिए महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों की पहचान करने में मदद करेगा।

शुगर पेशेंट खा सकते हैं सभी मीठे फल : डॉ बिस्वरूप || Dr Bishwaroop DIP Diet

 एक सदी पहले जब मधुमेह की दवा की खोज हुई तब माना जाता था कि High Sugar  वाले फल खाने से Blood Sugar Level बढ़ जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। सच तो यह है कि ये ही फल blood Sugar नार्मल करने में मदत करते हैं। सभी फलों में फ्रुक्टोज होता है जो रक्त शर्करा को कम करता है। मैंने इसे साबित करके दिखाया है, और यह शोध जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है। मधुमेह को कंट्रोल करने के किन चीजों का परहेज करना चाहिए? जानिए Diabetes के मरीज फलों का सेवन किस तरह से कर सकते हैं?

मॉडर्न लाइफस्टाइल के कारण युवाओं में मधुमेह का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। Diabetes का कोई पुख्ता इलाज Modern Medicine में नहीं है। लेकिन अपने Lifestyle और Diet में बदलाव करके इसे जरूर कंट्रोल कर सकते हैं। सभी लोग मानते हैं कि Diabetes होने के बाद सभी फलों का सेवन नहीं कर सकते। क्योंकि फलों का मिठास शुगर लेवल को बढ़ा सकता है। लेकिन डॉ विश्वरूप राय चौधरी बताते हैं कि ‘सुबह उठने के बाद आपको अपनी पसंद के 3-4 तरह के फलों का सेवन 12 बजे से पहले करना चाहिए। फलों में आप अंगूर, सेब, अनार, अमरुद, पपीता, केला, नाशपाती, चीकू, अन्नास, मौसम्मी, संतरा यानि कोई भी 3 से 4 तरह के शामिल कर सकते हैं। ऐसे में लोग कई बार सवाल करते हैं कि डॉ साहब मैं तो Sugar Patient हूं तो मुझे मीठे फल खाना चाहिए। तो डॉ साहब कहते हैं तब तो और मीठा फल ज्यादा खाना चाहिए। यदि आम का मौसम है तो खूब आम खाओ, अंगूर का मौसम है तो खूब अंगूर खाओ लेकिन सुबह 12 बजे से पहले। मीठे फल खाने से मधुमेह बढ़ता नहीं बल्कि ठीक होता है।’

डॉ विश्वरूप कहते हैं कि लोग सोचते हैं कि फल तो काफी महंगे होते हैं। रोज-रोज फलों का सेवन कैसे कर सकते हैं। इसलिए सीजनल फल जो सस्ते मिलते हों। 3 से 4 तरह का फल जरूर खाएं। आपको यह सोचने की भी जरूरत नहीं है कि फल आपको नुकसान करेगा । क्योंकि भगवान की बनाई कोई भी चीज नुकसान नहीं करता है। मधुमेह के मरीज कहते हैं कि हम तो 10 से साल आम नहीं छुआ खाने की तो बात ही दूर है। ऐसे Sugar Patient को मैं बोलता हूं कि 15 साल का कोटा आज ही पूरा कर लो' यानि भर पेट खाओ आम। 

क्या नहीं लेना चाहिए

 Sugar Patient को भूलकर भी चाय नहीं पीना है। अगर आप सुबह उठते ही चाय पीते हैं तो आपके शरीर का बैलेंस बिगड़ जाएगा। एक दिन में कितना फल आपको खाना है तो इसका सीधा सा मापदंड है कि जितना आपका वजन है उसमे आप 10 का गुणा कर दीजिए। मतलब अगर आपका वजन 60 किलो है तो 60X10=600 यानि एक दिन में 600 ग्राम फल खाना है। दोपहर के भोजन में पहले 3 से 4 तरह के कच्चे सलाद खाएं जिसमे खीरा, टमाटर, मूली और गाजर ले सकते हैं। उसके बाद अपना डेली रूटीन का खाना जो आप रोज खाते है वह खाएं। रात को भी इसी टेक्नीक को अपनायें।

Nov 30, 2021

एक सवाल जो आपकी जान बचा सकता है : डॉ विश्वरूप राय चौधरी || Ek Sawal jo aap ki jaan bacha sakta hai

अगर मिस्टर जॉर्ज वाशिंगटन अपने डॉक्टरों से सवाल किये होते तो वह काफी लम्बे समय तक जिन्दा रहते । 14 दिसंबर, 1799 की बात है जब अमेरिका के पहले राष्ट्रपति मिस्टर जॉर्ज वाशिंगटन को बुखार हो गया और वे फ्लू की चपेट में आ गए। जब वह इलाज के लिए अस्पताल  गए तो उस समय उपचार का तरीका रक्तपात करने वाला था, यानी कि फ्लू के मरीज को शरीर से रक्त बाहर निकालना होता था। जब भी कोई मरीज बुखार लेकर अस्पताल आता तो उसको ब्लेड से शरीर में एक कट मारा जाता था और रक्त को बाहर निकलने दिया जाता था। यह माना जाता था कि रक्त को बहने देने से बुखार ठीक हो जाएगा। उपचार के अनुसार जॉर्ज वॉशिंगटन के खून को बाहर निकाल दिया गया, लेकिन बुखार जैसा था वैसा ही रहा। उसके शरीर से आधा खून निकल गया और उसकी मौत हो गई।

अगले दिन, डॉक्टरों द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें कहा गया कि हमें खेद है कि मिस्टर जॉर्ज वाशिंगटन हमारे अस्पताल में आए इलाज किया और हमने उसके शरीर से खून को तब तक बाहर निकलने दिया जब तक वह घटकर आधा रह गया, तब भी हम उसे नहीं बचा सके। यदि हम आज के साक्ष्यों को ध्यान में रखें तो ऐसा प्रतीत होता है कि मिस्टर वाशिंगटन बुखार के कारण नहीं बल्कि खून की अत्यधिक हानि के कारण निधन हो गया। इससे पहले श्री विलियम कॉबेट नामक एक पत्रकार ने सारे सबूत इकट्ठा किए और दुनिया को दिखाया कि यह बुखार को ठीक करने के लिए शरीर से रक्त को बहने देने की विधि थी। उन लोगों की तुलना में कम मौतें हुई जो बुखार का कोई इलाज नहीं ले रहे हैं। लेकिन मिस्टर जॉर्ज वाशिंगटन ने सबूतों को नज़रअंदाज़ किया और लोकप्रिय पद्धति पर भरोसा किया। सबूत किस ओर इशारा कर रहे थे, इस पर ध्यान देने के बजाय, वे डॉक्टर, जिनकी आजीविका इसी पद्धति पर निर्भर थी। उनपर विश्वास  कर लिया। 

शरीर से खून बहने देने पर केस दर्ज करनेवाले श्री विलियम कोबेट अपनी केस हार गया, दिवालिया हो गया। नतीजतन, ऐसा उपचार डाक्टरों के लिए 200 साल जारी रहा। । चिकित्सा विज्ञान की वह स्थिति जो उनमें बनी रही वह आज भी मौजूद है।

आइए हम एक साधारण चिकित्सा पद्धति लें, जैसे मधुमेह। अगर आप अपनी जान बचाना चाहते हैं तो डॉक्टर से एक सवाल जरूर पूछें 'कि क्या आपके पास कोई सबूत है कि इस मधुमेह की विशेष दवा को लेने से मेरी उम्र बढ़ जाएगी या मेरे जीवन की गुणवत्ता सुधार हो जायेगा ?' चौंकाने वाली बात यह है कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है उनके पास। मधुमेह की कोई भी दवा लेने से आयु बढ़ेगी या जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। ऐसा कोई प्रूफ नहीं है। इसके विपरीत, ACCORD Trial जैसे प्रमुख परीक्षण हैं, VADTS Trial और UKPDS Trial, जो निर्णायक रूप से बताते हैं कि ये दवाएं जीवनकाल को कम करती हैं और गुणवत्ता को खराब करती हैं। सभी दवाएं, चाहे ब्लड शुगर की हों या ब्लड प्रेशर की, बस एक नंबर प्रदान करती हैं, एक संख्या जिसे आप पसंद करते हैं। मेरे खून में शुगर इतनी होनी चाहिए और ब्लड प्रेशर इतना होना चाहिए। यह कैसे निर्धारित होता है। मान लीजिए कि दो लोग हैं। दोनों का एक ही है रोग रक्त शर्करा या रक्तचाप (blood sugar or blood pressure) की बीमारी से परेशान हैं। एक डॉक्टर द्वारा निर्धारित सभी दवाओं का पालन करने का निर्णय लेता है और दूसरा किन्हीं कारणों से दवा नहीं ले पाया। कुछ वर्षों में, यह देखा गया कि जिन व्यक्तियों ने डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का सेवन किया था उनकी मृत्यु दर बहुत अधिक थी। दवा नहीं लेने वाले की तुलना में। मैंने मधुमेह या उच्च रक्तचाप के लिए जो कुछ भी समझाया है वह सही है। कैंसर के लिए भी सच है। कैंसर से पीड़ित मरीज को भी डॉक्टर से सवाल करना चाहिए, की आपकी सलाह पर, मैं चल  रहा हूँ। क्या कीमोथेरेपी या सर्जरी या विकिरण चिकित्सा से मेरी उम्र बढ़ जाएगी या मेरे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा?" हैरानी की बात है कि कोई सबूत नहीं है। यह साबित करने के लिए कि आपका जीवनकाल बढ़ेगा या आपके जीवन स्तर में वृद्धि होगी। इन लोकप्रिय उपचारों से सुधार होगा। इसके विपरीत, वहाँ यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि आपका जीवनकाल कम हो जाएगा और आपके जीवन की गुणवत्ता खराब होगी।

Ref. 1 question that save your life  (book) by Dr Bishwaroop Rai Chaudhary 

Nov 29, 2021

Government Jobs : बिजली विभाग में 600 पदों की भर्ती || Recruitment of 600 posts in electricity department


बिजली विभाग में 600 पदों के लिए भर्ती निकली हुई है। इसके लिए लास्ट डेट 15 दिसंबर 2021 है। आवेदन के लिए पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन ने एक नोटिफिकेशन जारी कर 600 पदों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। जिसमें लाइनमैन अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के लिए आवेदन के लिए वायरमैन/इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में आईटीआई करने वाले उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं। इन सभी पदों पर अप्लाई करने के लिए आपको पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन की वेबसाइट pspcl.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन (Punjab State Power Corporation) के तरफ से कुल 600 पदों की भर्ती निकाली गई है। जिसमें पंजाब निवासी उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी और सिलेक्टेड कैंडिडेट को 1 वर्ष की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। 

पदों की संख्या 600 

महत्वपूर्ण दिनांक 

आवेदन की शुरुआत की तारीख 24 नवंबर 2021 है। 
आवेदन की आखिरी तारीख 15 दिसंबर 2021 है। 

योग्यता : वायरमैन या इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में ITI करने वाले उम्मीद्वार उपरोक्त पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

उम्मीदवार का चयन उनके योग्यता के आधार पर किया जाएगा। वायरमैन और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में आईटीआई करने वाले उम्मीदवारों का उनके ITI में प्राप्त अंक के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाया जायेगा। भर्ती में High Qualification  के लिए कोई वेटेज नहीं मिलेगा । 

कैसे करें अप्लाई (How to apply)

सबसे पहले आपको पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन की वेबसाइट pspcl.in पर जाना होगा। होम पेज पर आपको एक नोटिफिकेशन मिलेगा जिस पर लिखा होगा अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग ऑफ लाइनमैन सेशन 2021 । उसके बाद कैंडिडेट को न्यू रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना है। क्लिक करने के बाद एक नया विंडो  खुलेगा। नया विंडो खुलने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ेगी। उसके बाद रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको फार्म ऑनलाइन भरना है और उसका प्रिंट निकाल कर के रख लेना है।  

Nov 28, 2021

सरकारी कोटेदार की कहानी, पब्लिक की जुबानी || Sarkari kotedar Ki Chori

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आप सभी लोग जानते हैं कि सरकार के तरफ से हर पात्र गृहस्थी को 5 किलो राशन मिलता है। लेकिन बहुत सारे कोटेदार हैं जो राशन की चोरी खुलेयाम कर रहे हैं। अगर हम 25 किलो राशन लेकर आते हैं तो घर तोलने पर 22 से 23 किलो होता है। और अगर आपके घर राशन कार्ड में 5 आदमी का नाम है तो 25 किलो की जगह पर 20 किलो ही देते हैं यानि 5 किलो राशन कम देते हैं। सरकारी कोटेदार उन्हीं लोगों को पूरा राशन देते हैं जिनसे उन्हें डर लगता है कि यह आदमी हमारे खिलाफ आवाज उठा सकता है। यह एक गांव की समस्या नहीं है लगभग सभी गांव में ऐसा हो रहा है और कोई भी आवाज उठाने वाला नहीं है। सब लोग डरते हैं कि कौन कोटेदार से पंगा लेने जाए। सरकार तो अपनी जिम्मेदारी निभा कर सभी गरीब लोगों को राशन मुहैया कराती है लेकिन कोटेदार और इनके साथ जो भी मिलीभगत करके सरकारी राशन का चोरी करते हैं  भगवान उनका भला करे। एक न एक दिन प्रकृति सब वसूल लेती है। 

 सरकार ने हर सरकारी कोटेदार को अंगूठा लगाने और बिल प्रिंट करके देने की व्यवस्था की है जबकि कोई भी कोटेदार बिल प्रिंट करके लोगों को नहीं देता है। 
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इस सरकारी राशन की चोरी में क्या कर सकते हैं। हर कोटेदार की जाकर निगरानी तो करेंगे नहीं। और कोई आवाज भी उठाने वाला नहीं है।  चोरी का धंधा तो सदियों से चला आ रहा है और लगता है कि यह सदियों तक चलता रहेगा। सरकार बेहतर से बेहतर व्यवस्था बनाने की कोशिश करती है लेकिन चोर लोग चोरी करने का अलग अलग तरीका अपना लेते हैं। पब्लिक करे तो करे क्या। एक गांव में अगर 1500 राशन कार्ड है तो कोटेदार करीब 10 कुंटल राशन चोरी कर लेता है और इसके ऊपर कोई उंगली उठाने वाला भी नहीं है। 
ऐसा नहीं है कि भारत में सब बेईमान कोटेदार हैं। कुछ ईमानदार भी होंगे। जो इमानदारी से लोगों का राशन देते होंगे उनको मेरा प्रणाम है। वह धन्यवाद के पात्र हैं। उनके जीवन में आनंद बरसेगा। 

मैं माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि दिए हुए इन समस्याओं पर एक बार जरूर ध्यान दें और उसकी जांच करवाएं ताकि डिजिटल इंडिया होने के बाद भी हमारे देश में इतनी बड़ी मात्रा में जो चोरी हो रही है उसकी रोकथाम हो सके।  
इस न्यूज़ को ज्यादा से ज्यादा लाइक करें और अपने दोस्तों को रिश्तेदारों को जरुर शेयर करें ताकि इनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। 

डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, थायराइड, कोलेस्ट्रोल नॉर्मल करें 72 घंटे मे || How to Curre Diabetes, Blood Pressure, Thyroid, Cholesterol in 72 hours

यदि आप डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, थायराइड, कोलेस्ट्रोल आदि से परेशान है तो 72 घंटे के अंदर आप उसे बड़े आसानी से नार्मल कर सकते हैं, वह भी बिना किसी दवा का प्रयोग किए। आप ने अगर डॉ विश्वरूप राय चौधरी का नाम नहीं सुना है तो एक बार आप इंटरनेट पर जरूर सर्च करना। मैं उनसे 10 सालों से जुड़ा हुआ हूं और मुझे डायबिटीज की समस्या थी और मैं बहुत परेशान था। लेकिन जब मैंने डॉक्टर साहब से ट्रेनिंग ली तब से मुझे डॉक्टरों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। 
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आदमी बीमार पड़ता है तो सोचता है हम दवा खा कर के ठीक हो जाएंगे, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। जब शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है तो दवाओं का असर होना शरीर पर कम हो जाता है और हम दिन पर दिन बीमार होते चले जाते हैं। दवा तो हम लेते हैं बीमारी दूर करने का लेकिन हम और बीमार हो जाते हैं।  डॉ विश्वरूप राय चौधरी का जो डाइट प्लान है वह इतना पावरफुल है कि 72 घंटे के अंदर अपना असर दिखा देता है। अगर आप सालों से परेशान हैं और आपकी डायबिटीज, बीपी, कोलेस्ट्रोल, थायराइड आदि की समस्या वैसी की वैसी बनी हुई है तो आप एक बार डॉक्टर साहब का डाइट प्लान फॉलो करके जरूर देखें। 

डाइट प्लान (Diabetes, Blood Pressure, Thyroid, Cholesterol Diet)

सुबह नाश्ते में आपको कोई भी 3 से 4 तरह का फल कम से कम आधा किलो और ज्यादा से ज्यादा आप अपनी इच्छा के अनुसार खा सकते हैं। दोपहर में आप जब भी भोजन करें तो सबसे पहले आपको कम से कम तीन से चार सौ ग्राम सलाद खाना है। उसके बाद आप अपने डेली रूटीन का चावल दाल सब्जी इत्यादि खाना खा सकते हैं। इसके बाद अगर आपको 2:00 से 5:00 बजे के बीच भूख लगता है तो आप स्प्राउट ले सकते हैं। स्प्राउट बनाने के लिए आपको मूंग, चना आदि को 8 से 10 घंटे भिगोने के बाद प्रयोग कर सकते हैं। शाम को जब आप भोजन करें तो सबसे पहले 3 से 4 सौ ग्राम आपको सलाद खाना है। सलाद में ऐसी सब्जियां जो कच्ची आप उन्हें काट कर के सलाद बनाकर खा सकते हैं - जैसे खीरा, टमाटर, धनिया, मूली, गाजर आदि का प्रयोग कर सकते हैं। उसके बाद आपको अपने डेली रूटीन का चावल दाल रोटी सब्जी जो खाना है वह खा सकते हैं। 
अगर आपको किसी भी प्रकार की जानकारी लेनी है तो आप हमें कॉल करके प्राप्त कर सकते हैं

Nov 27, 2021

बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने के लिए क्या करें || Bageshwar Dham Sarkar Arji Lagane Ka Tarika

Bageshwar Dham के दिव्य दरबार में अर्जी लगाने के लिए नियम बदल गए हैं। अब यहां पर लकी ड्रा के द्वारा भक्तों का चयन किया जाता है। बागेश्वर सिद्ध पीठ में अर्जी लगाने के लिए सबसे पहले यहां की नियमावली का पालन करना पड़ता है। 2016-17 से पहले दरबार में लोग आते थे तो टोकन लेने की जरूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन जैसे-जैसे दरबार में लोगों का हुजूम बढ़ता गया, उसको देखते हुए टोकन की व्यवस्था की गई। टोकन के लिए नाम दर्ज करवाना निशुल्क है। टोकन लेना भी निशुल्क है। आशीर्वाद लेना भी निशुल्क है और धाम पर रुकना भी निशुल्क है। Bageshwar Dham Sarkar में सुबह शाम भंडारा पाना भी निशुल्क है। 

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अर्जी लगाने के लिए सबसे पहले आपको टोकन लेना अनिवार्य है। टोकन पूज्य महाराज जी से मिलना संभव नहीं है। टोकन नंबर आप कब ले सकते हैं। इसकी जानकारी आपको बागेश्वर धाम की वेबसाइट, सोशल अकॉउंट एवं मोबाइल नंबर से प्राप्त कर सकते हैं। किसी न किसी एक विशेष तारीख को टोकन वितरित किया जाता है। टोकन मिलने के बाद आपको तारीख बता दिया जाता है। आपको सुबह 12:00 बजे से पहले धाम में पहुंचना होता है। 
अर्जी लगाने का विधान 
दिए गए तारीख के हिसाब से टोकन लेकर आपको धाम में आकर पूज्य महाराज जी के दरबार में बैठ जाना है। उसके बाद महाराज जी एक एक करके सभी अर्जी वालों को बुलाते हैं। अर्जी का अर्थ है एक कोरे कागज पर आपकी परेशानी लिखी रहती है उस परेशानी का कारण लिखा रहता है और उसका निवारण भी लिखा रहता है। जो पहले से ही आपको बिना बताए महाराज जी लिख कर रख देते हैं। उसके बाद आपसे प्रश्न पूछा जाता है कि आप धाम पर कौन सा प्रश्न लेकर के आए थे और आपकी क्या क्या परेशानी थी। उसी हिसाब से महाराज जी आपकी समस्या का समाधान बताते हैं। उसके बाद महाराज जी आपको पेशी के लिए भी बुलाते हैं। पेशी का अर्थ है मंगलवार को बागेश्वर धाम के बालाजी महाराज के दरबार में आना अनिवार्य है। धाम पर मंगलवार को प्रातः काल 6:00 बजे महा आरती में सम्मिलित होना और हनुमान चालीसा का पाठ एवं 21 परिक्रमा बागेश्वर बालाजी का करना होता है। 

बालाजी के दरबार में क्यों लगाएं अर्जी (Arji Kyon Lagayen)

यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा है या जीवन में दैहिक, दैविक, भौतिक ताप से आप परेशान हैं। आप जीवन की कठिनाइयों से बहुत ज्यादा परेशान हैं। आपको किसी काम में सफलता नहीं मिल रहा है। आपके जीवन में सुख नहीं है। आपको ऐश्वर्या नहीं प्राप्त हैं। आपको आनंद नहीं मिल रहा है। आपको भगवान के भजन में रुचि नहीं है। आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या है तो आप यहां पर अर्जी लगा सकते हैं। 

Nov 26, 2021

कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा || सभी राज्यों को किया अलर्ट | How Many Dangerous is the New Variant of Corona?

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक संदेश में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में कोविड -19 वेरिएंट बी.1.1529 के कई मामले सामने आए हैं। इस नए कोविड वेरिएंट मिलने के बाद भारत में सभी राज्यों को अलर्ट कर दिया गया है । 

दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने घोषणा की कि उन्होंने कोरोनवायरस के एक नए वेरिएंट का पता लगाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को सभी राज्यों को निर्देश दिया की दक्षिण अफ्रीका, बोत्स्वाना, हांगकांग से आने वाले सभी यात्रियों का कड़ाई से परीक्षण किया जाय। कोविड -19 वेरिएंट बी.1.1529 के कई मामले दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग में देखने को मिला है। 

भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के लिए नियमों में बदलाव

भूषण ने कहा, "इस संस्करण में काफी अधिक संख्या में उत्परिवर्तन होने की सूचना है, इसलिए वीजा प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को खोलने के मद्देनजर देश के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ सकता है ।"
इसलिए यह अनिवार्य है कि इन देशों से यात्रा करने वाले और पारगमन करने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कठोर स्क्रीनिंग और परीक्षण की जरुरत है। “इन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संपर्कों को भी दिशानिर्देशों के अनुसार बारीकी से ट्रैक और परीक्षण किया जाना चाहिए। हांगकांग का कोविद केस दक्षिण अफ्रीका के एक यात्री का है। दक्षिण अफ़्रीकी वैज्ञानिकों ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बी.1.1529 में पाए गए वेरिएंट अधिक संक्रामक बना सकते हैं। 

भूषण के निर्देश के निर्देश के बाद सभी राज्यों को कोविड-पॉजिटिव यात्रियों के नमूने भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम (INSACOG) की निर्दिष्ट प्रयोगशालाओं में भेजने होंगे, जिससे नए वेरिएंट के उद्भव और प्रसारण को ट्रैक और मॉनिटर किया जा सके। दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने Covid-19 के इस नए वेरिएंट पर चिंता व्यक्त की है। दक्षिण अफ्रीका ने नए वेरिएंट के वायरस पर चर्चा के लिए शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी समूह की तत्काल बैठक का अनुरोध किया है।

भारत में कोविड निगरानी अधिकारियों को INSACOG प्रयोगशालाओं के साथ समन्वय करना होगा, और वैरिएंट और फॉर्मेशन केस क्लस्टर्स के प्रसार को रोकने के लिए टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट करना होगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्तमान में नामित Covid-19 के चार प्रकारों में से, बीटा (पैंगो वंश बी.1.351), पहली बार मई 2020 में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। अन्य तीन वीओसी, अल्फा (बी.1.1.7), डेल्टा (बी) .1.617.2), और गामा (पी.1) का पहली बार यूनाइटेड किंगम, भारत और ब्राजील में क्रमशः सितंबर 2020, अक्टूबर 2020 और नवंबर 2020 में पता चला था।

एनआईसीडी और निजी प्रयोगशालाओं के बीच जीनोमिक अनुक्रमण सहयोग के बाद देश में वैरिएंट बी.1.1.529 के 22 सकारात्मक मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, अन्य एनजीएस-एसए प्रयोगशालाएं अधिक मामलों की पुष्टि कर रही हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में दक्षिण अफ्रीकी वैज्ञानिकों के हवाले से कहा गया है कि नैदानिक ​​प्रयोगशालाओं के शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि गौतेंग के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत में Covid-19 का नया वेरिएंट तेजी से बढ़ा है, लेकिन  दक्षिण अफ्रीका के अन्य आठ प्रांतों में भी पहले से मौजूद हो सकता है।

एनआईसीडी के बयान में कहा गया है, "हालांकि डेटा सीमित है, हमारे विशेषज्ञ नए वेरिएंट को समझने के लिए सभी स्थापित निगरानी प्रणालियों के साथ ओवरटाइम काम कर रहे हैं और संभावित प्रभाव का पता लगा रहे हैं। 

बोत्सवाना में अधिकारियों ने पूरी तरह से टीकाकरण वाले यात्रियों में बी.1.1.529 के चार मामलों की सूचना दी है । प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्थानीय रूप से प्रमुख डेल्टा संस्करण की तुलना में नए वेरिएंट में उत्परिवर्तन की संख्या अधिक है। इसका क्या मतलब है कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो रहा है और जांच के दायरे में है। बोत्सवाना के टास्क फोर्स के समन्वयक डॉ के मसुपु ने कहा कि नए वेरिएंट में बीमारी की गंभीरता को प्रभावित करने की क्षमता अधिक है।  इस समय नए वेरिएंट का वास्तविक प्रभाव दुनिया पर कैसा रहेगा कुछ कहा नहीं जा सकता ।

Nov 25, 2021

शरीर में वीर्य कैसे बनता है || स्वप्नदोष से नुकसान || Sharir Me Virya Kaise Banta Hai || virya Raksha kaise karen

वीर्य शरीर की बहुत ही मूल्यवान धातु है। भोजन से वीर्य बनने की प्रक्रिया बड़ी लंबी है। श्री सुश्रुत आचार्य ने लिखा है :
रसाद्रक्तं ततो मांसं मांसान्मेदः प्रजायते। 
मेदस्यास्थिः ततो मज्जा मज्जायाः शुक्रसम्भवः।।
जो भोजन पचता है उसका पहले रस बनता है। 5 दिन तक उसका पाचन होकर रक्त बनता है। 5 दिन बाद रक्त से मांस, उसमें से पांच 5 दिन के अंतर से मेद, मेद से हड्डी, हड्डी से मज्जा और मज्जा से अंत में वीर्य बनता है। स्त्री में जो यह धातु बनती है उसे रज कहते हैं। 
वीर्य किस प्रकार 6-7 मंजिलों से गुजर कर अपना यह अंतिम रूप धारण करता है।  इस पर सुषुरताचार्य ने कहा है कि वीर्य बनने में करीब 30 दिन 4 घंटे लग जाते हैं।  बैज्ञानिक लोग बताते हैं कि 32 किलो ग्राम भोजन से 800 ग्राम रक्त बनता है और 800 ग्राम रक्त से लगभग 20 ग्राम वीर्य बनता है। 

आकर्षक व्यक्तित्व और सफलता का कारण 

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इस वीर्य के संयम से शरीर में एक अद्भुत आकर्षण शक्ति उत्पन्न होती है। जिसे प्राचीन वैद्य धन्वन्तरि ने ओज नाम दिया है। यही मनुष्य को जीवन में सफल बनाने में सहायक होता है। आप जहां भी किसी व्यक्ति के जीवन में कुछ विशेषता, चेहरे पर तेज, वाणी में बल, कार्य में उत्साह देखते हैं वहां समझो इस वीर्य रक्षा का ही चमत्कार है। 
यदि एक स्वस्थ मनुष्य 1 दिन में 800 ग्राम भोजन के हिसाब से 40 दिन में 32 किलो भोजन करता है तो उसकी 40 दिन की कमाई लगभग 20 ग्राम वीर्य होगा।  30 दिन अर्थात महीने की करीब 15 ग्राम वीर्य हुआ और 15 ग्राम या इससे कुछ अधिक वीर्य फिर एक बार के मैथुन में निकल जाता है। 

वीर्य के सम्बन्ध में आधुनिक चिकित्सकों का मत 

यूरोप के प्रतिष्ठित चिकित्सक भी भारतीय योगियों के कथन का समर्थन करते हैं।  डॉक्टर निकोल का कहना है : वीर्य एक भैषजिक और दैहिक तथ्य है जिससे स्त्री तथा पुरुष दोनों ही जातियों में प्रजनन तत्व बनता है। शुद्ध तथा व्यवस्थित जीवन में यह तत्व पुनः अवशोषित हो जाता है। यह सूक्ष्मतम मष्तिस्क, स्नायु तथा मांशपेशीय उत्तकों निर्माण करने के लिए तैयार होकर पुनः परिसंचरण में जाता है। मनुष्य का यह वीर्य उर्ध्वगामी होकर उसे निर्भीक, बलवान और साहसी बनाता है। यदि इसका दुरूपयोग किया गया तो उसको स्त्रैण, दुर्बल, कृषकलेवर एवं कमोत्तेजनशील बनाता है तथा उसके शरीर के अंगों के कार्य व्यापार को विकृत  एवं स्नायु तंत्र को दुर्बल कर देता है। उसे मिर्गी जैसे अन्य रोग घेर लेते हैं। इसके दुरूपयोग से शारीरिक, मानसिक बल का ह्रास होता है। 
डॉ डिओ लुई कहते हैं : शारीरिक बल, मानसिक ओज तथा बौधिक कुशाग्रता के लिए वीर्य का संरक्षण परम आवश्यक है। 
एक अन्य लेखक डॉक्टर ई पी मिलर लिखते हैं : शुक्रस्राव का स्वैच्छिक अथवा अनैच्छिक अपव्यय अपने जीवन शक्ति का प्रत्यक्ष  अपव्यय है। यदि यह निष्कर्ष ठीक है तो इसका अर्थ है व्यक्ति के कल्याण के लिए जीवन में ब्रह्मचर्य परम आवश्यक है। 

पश्चिम के विख्यात चिकित्सक कहते हैं कि वीर्य नाश से, विशेषकर तरुण अवस्था में वीर्यक्षय से विविध प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं। वे हैं : शरीर में व्रण, चेहरे पर मुंहासे, अथवा विस्फोटक, नेत्रों के चतुरदिक नीली रेखा, दाढ़ी का अभाव, धंसे हुए नेत्र, पीला चेहरा, स्मृति नाश, दृष्टि की क्षीणता, मूत्र के साथ वीर्य स्खलन, अंडकोष की वृद्धि, अंडकोष में पीड़ा, दुर्बलता, निद्रालुता, आलस्य, उदासी, ह्रदय कम्प, श्वासावरोध, यक्ष्मा, पृष्टशूल, कटिवात, शिरोवेदना, संधि पीड़ा, दुर्बल वृक्क, निद्रा में मूत्र निकल जाना, मानसिक अस्थिरता, विचार शक्ति का अभाव, दुःस्वप्न, स्वप्न दोष तथा मानसिक अशांति आदि रोग घेर लेते हैं। 
उपरोक्त रोगों को मिटाने के लिए एक मात्र इलाज है ब्रह्मचर्य। ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए निम्न प्रयोग आपको मदद करेगा। 

80 ग्राम आंवला चूर्ण और 20 ग्राम हल्दी चूर्ण का मिश्रण बना कर रख लीजिए। सुबह शाम 3 ग्राम इस मिश्रण को पानी के साथ लें।  इस चूर्ण को लेने के पहले और बाद में 2 घंटे तक कुछ भी खाना-पीना नहीं है। आपको इस चूर्ण का सेवन करने के साथ भोजन में अधिक से अधिक फल और सलाद लें। जितना ज्यादा फल और सलाद अपने भोजन में शामिल करेंगे उतनी तेजी से आपके शरीर के समस्त रोग दूर होंगे। 

आज कौन सा शेयर खरीदें और बेचे, Stop Loss और Target क्या है

यदि आप शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करते हैं तो हम यहां पर आपको बताएंगे कि आप किस में निवेश करें और कहां आपका पैसा बनेगा। वैसे तो शेयर बाजार जोखिमों से भरा है लेकिन इसके बावजूद भी हम एक्सपोर्ट एक्सपर्ट की सलाह के द्वारा निवेश या ट्रेनिंग करते हैं। एक्सपर्ट हमें यह बताते हैं कि कैसे हम जोखिमों से बचकर ट्रेडिंग या निवेश कर सकते हैं। यदि आप रोज free intraday tips देखना चाहते हैं तो हम daily trading tips पोस्ट करते हैं, देश के बड़े स्टॉक एक्सपर्ट की best trading stock आइडिआ होता है। Stock market day trading tips और free intraday trading tips भी आप यहाँ देख सकते हैं। स्टॉक मार्केट जोखिमों से भरा है यदि आप कोई स्टाफ खरीदते या बेचते हैं तो उसकी जिम्मेदारी आप खुद ले। बिना सोचे समझे किसी भी स्टॉक में निवेश ना करें।  यहां पर आपको भारत के जाने-माने मार्केट एक्सपर्ट की राय को प्रदर्शित कर रहे हैं :- 

विकास शेट्टी की राय -अलेमबिक फार्मा का फ्यूचर खरीदें। 
करंट प्राइस 783 
टारगेट 810 
स्टॉप लॉस 765 

दूसरा स्टॉक सियाराम सिल्क खरीदना है। 
करंट प्राइस 462 
टारगेट 490 
स्टॉप लॉस 445 

संजीव भसीन की राय - ICICI BANK का फ्यूचर खरीदें। 
करंट प्राइस 761 
टारगेट 782 TO 785
स्टॉप लॉस 750

दूसरा स्टॉक SAIL खरीदना है। 
करंट प्राइस 111
टारगेट 118
स्टॉप लॉस 108